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रोजाना जरूरत से छह गुना ज्यादा नमक खा रहे हैं हमारे बच्चे, यानी 50% तक बढ़ जाता है हार्टअटैक का अंदेशा...

बच्चों को रोजाना सिर्फ एक चम्मच नमक की ही जरूरत होती है, लेकिन दुलार करते हुए कभी हम उसे एक बर्गर या एक पैकेट चिप्स खिला देते हैं या कभी एक छोटी कटोरी में नमकीन या भुजिया दे देते हैं। इनमें इतनी मात्रा में नमक होता है कि दिनभर की नमक की आधी से ज्यादा जरूरत पूरी हो जाती है। दरअसल, हमारे बच्चे रोजाना की जरूरत से ज्यादा नमक खाने लगे हैं और इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। दो ग्राम नमक खाने से दिनभर की जरूरत पूरी हो जाती है, पर बच्चे खाने लगे हैं ज्यादा नमक; सरकार को सौंपी रिपोर्ट में खुलासा…
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साल 2000 में हमारे देश में एक सामान्य बच्चा रोजाना 9 ग्राम नमक खाता था। और दस सालों में यानी 2010 में एक बच्चा औसतन 12 ग्राम नमक खाने लगा है। मतलब पहले की तुलना में 3 ग्राम यानी 33 परसेंट ज्यादा। जबकि उसकी रोजाना की जरूरत सिर्फ 2 ग्राम नमक से ही पूरी हो जाती है। यानी हमारे बच्चे उनकी जरूरत से छह गुना ज्यादा नमक खाने लगे हैं। केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय द्वारा गठित वर्किंग ग्रुप की ओर से सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) उन प्रोडक्ट्स की लिस्ट तैयार कर रहा है, जिनमें बड़ी मात्रा में नमक, चीनी और फैट होते हैं। इसका मकसद स्कूली बच्चों को ये चीजें खाने से रोकना है।
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