
अलग अलग वर्ग की महिलाओं में सफ़ेद द्रव्य का निकलना कोई असामान्य बात नहीं है। मासिक धर्म के एक ख़ास दौर मे यह समस्या देखी जा सकती है। यह समस्या आमतौर पर किशोरी महिलाओं में ज़्यादा देखी जाती है। थोड़ी मात्रा में सफ़ेद पानी आना का निकलना कोई बीमारी नहीं है, पर इस सफ़ेद पानी आना से महिलाएं काफी परेशान रहती हैं।
ज़्यादा मात्रा में इस द्रव्य का निकलना चिंता की बात अवश्य है। इस द्रव्य को डॉक्टरी भाषा में लियुकोरिया,प्रदर रोग कहते हैं। इससे महिलाओं की प्रजनन प्रणाली को काफी नुकसान पहुँच सकता है।
प्रदर रोग (सफ़ेद पानी ) निकलने से जुडी समस्याएं
1. यौन क्रियाओं से फैलने वाली बीमारी
2. कूल्हे में जलन
3. हॉर्मोन की समस्याएं
4. योनि में संक्रमण
5. गर्भाशय का कैंसर
6. गर्भाशय का संक्रमण
Abnormal Vaginal Discharge
यह जानना काफी आवश्यक है कि किसी महिला के द्रव्य निकलने की प्रक्रिया सामान्य है या असामान्य। श्वेत प्रदर के लक्षण, सफ़ेद रंग का द्रव्य निकलना सामान्य माना जाता है, परन्तु अगर द्रव्य का रंग इनमें से कोई है:-
1. भूरापन लिए हुए सफ़ेद
2. जंग लगे हुए रंग का
3. हरा
4. पीला
5. भूरा
तो महिलाओं के लिए काफी समस्या की बात है और यह डॉक्टर को दिखाने का सही समय है। गाढ़ा सफ़ेद द्रव्य निकलना तथा साथ में खुजली योनि में संक्रमण के मुख्य कारण होते है। यह आमतौर पर योनि में फंगस या खमीर जमने की वजह से होता है। मधुमेह के शिकार रोगियों द्वारा लिए जाने वाला एंटीबायोटिक भी इस गाढ़े सफ़ेद रंग के द्रव्य का ज़िम्मेदार हो सकता है। हरे और पीले रंग का बदबूदार द्रव्य भी महिलाओं के लिए काफी खतरनाक होता है। इसे डॉक्टरी भाषा में ट्राइकोमोनिएसिस कहते हैं जो कि एक तरह का यौन संक्रामक रोग है।
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