
माता-पिता के लिए अकसर यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि उन का नन्हा कब बीमार पड़ गया |
शिशु बेचारा तो अपनी तकलीफ बता नहीं पाता, इसलिए आप को ही बीमारी के लक्षणों की जानकारी हासिल कर उन पर नजर रखनी होगी, इसलिए अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करना सीखें और जैसे ही आप को बच्चे की सेहत में कुछ गड़बड़ दिखने लगे, वैसे ही किसी डाक्टर से सलाह लेने में संकोच न करें | यहां बच्चों की कुछ आम बीमारियों के बारे में जानकारी दी जा रही है तथा उन से निबटने का तरीका भी बताया जा रहा है:
शिशु बेचारा तो अपनी तकलीफ बता नहीं पाता, इसलिए आप को ही बीमारी के लक्षणों की जानकारी हासिल कर उन पर नजर रखनी होगी, इसलिए अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करना सीखें और जैसे ही आप को बच्चे की सेहत में कुछ गड़बड़ दिखने लगे, वैसे ही किसी डाक्टर से सलाह लेने में संकोच न करें | यहां बच्चों की कुछ आम बीमारियों के बारे में जानकारी दी जा रही है तथा उन से निबटने का तरीका भी बताया जा रहा है:
सर्दी-जुकाम होने पर
सर्दीजुकाम के जानेपहचाने लक्षण गले में खराश और बहती नाक एक ऐसे वायरस के कारण पैदा होते हैं, जिस पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं पड़ता, इसलिए जब तक स्वयं शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र (डिफेंस मैकेनिज्म) उस वायरस का मुकाबला करने के योग्य नहीं बन जाता, तब तक दवाएं उस का कुछ नहीं बिगाड़ पातीं |
ऐसे में क्या करें
शिशुओं को सर्दीजुकाम से ज्यादा परेशानी वास्तव में नाक बंद होने से होती है, क्योंकि ऐसे में दूध पीते समय या सोते समय सांस लेना मुश्किल हो जाता है, इसलिए अपने डाक्टर से शिशु की बंद नाक खुलवाने का तरीका जान लें ताकि आप का शिशु कम से कम आसानी से सांस तो ले सके |
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