अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग जिसे सोनोग्राफी भी कहा जाता है। इस तकनीक का उपयोग शरीर के अंदर के अंग और ऊतकों को देखने के लिए किया जाता है। शरीर के अंदर की संरचनाओं को छवि रूप में दिखाने के लिए इसमें उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें इंसान सुन नहीं सकते।
कैसे होता है अल्ट्रासाउंड
अल्ट्रासाउंड मुलायम या तरल पदार्थ से भरे अंगों की उत्कृष्ट छवियों का उत्पादन करता है, लेकिन यह हवा से भरे अंगों या हड्डियों की जांच के लिए कम प्रभावी है। अल्ट्रासाउंड एक सुरक्षित और दर्दरहित परीक्षण है। इसमें आमतौर पर 15 से 30 मिनट ही लगते हैं।
अल्ट्रासाउन्ड में अपके शरीर के भीतरी संरचनाओं की अपेक्षाकृत सटीक छवियों का उत्पादन करने के लिए उच्च आवृत्ति ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।अल्ट्रासाउंड के जरिए आप शरीर के भीतर होने वाली हलचल या किसी भी गड़बड़ी को पारदर्शिता से देख सकते हैं यानी अल्ट्रांसाउंड फोटो कॉपी की तरह होता है।