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अगर एलोवेरा का करते हैं इस्‍तेमाल, तो जानें इससे जुड़े अनजानें तथ्‍य...


भारत में एलोवेरा सबसे लोकप्रिय हर्ब है जो हर घर में मिल जाएगा। पतले होने से लेकर चेहरे के कील-मुंहासे तक ठीक करने के लिए लोग एलोवेरा का इस्तेमाल करते हैं। भारत में एलोवेरा एक ऐसा पौधा माना जाता है जिससे हर तरह के केवल फायदे होते हैं। कई लोग तो कई सारी बीमारियां दूर करने के तक लिए भी एलोवेरा का जूस पीते हैं। अगर आप भी इन लोगों में शामिल हैं तो ये खबर केवल आपके लिए है। क्योंकि एलोवेरा से निकलने वाला एलो-लेटेक्स सरदर्द, एलर्जी और कैंसर जैसी घातक बीमारी तक का कारण माना गाया है।
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जी हां,  कैंसर।
आपने एलोवेरा को तोड़ने के दौरान उसमें से निकलते हुए पीले पदार्थ को देखा होगा। इस पीले पदार्थ को एलो लेटेक्स कहते हैं। यही पीला पदार्थ कई सारी बीमारियों का कारण बनता है। यहां तक की कैंसर जैसी घातक बीमारी का भी। आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से जानें कैसे।

कैंसर का कारक – एलोवेरा लेटेक्‍स

विशेषज्ञों की माने तो एलोवेरस से निकालने वाला यह पीले रंग को लेटेक्‍स टॉक्सिक होता है। अगर इसमें थोड़ी-बहुत मात्रा में टॉक्सिक हो भी तो नजरअंदाज किया जा सकता है लेकिन इसके टॉक्सिक कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बनते हैं।
2011 में अमेरिका एनटीपी ( नेशनल टॉक्सिकलॉजी प्रोग्राम) स्टडी की गई जिसमें अमेरिकी सरकार ने लैब में एलोवेरा का परीक्षण किया। इस परीक्षण में ये परिणाम प्राप्त हुआ की अगर आप हलवा, चटनी, जैम, मुरब्बा या सब्जी में एलोवेरा के लेटेक्‍स का इस्तेमाल करते हैं या जूस के द्वारा इसका सेवन करते हैं तो शरीर में कैंसर के कारक पैदा होने लगते हैं।
इसके अलावा जेल के तौर पर भी इसे त्वचा में लगाया जाए तो ये एक्जिमा, रेशेज़ और अन्य त्वचा की समस्‍याएं हो सकती है।
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