
महिलाओं के प्रेग्नेंट होते ही होने वाले बच्चे को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जाते हैं। लड़का होगा या लड़की होगी, ट्विन्स होगें या सिंगल बेबी ऐसे कई कयास लोग लगाने लगते हैं। महिलाओं के फिजिकल स्ट्रक्चर और उनके व्यवहार को देखकर भी कई तरह के भ्रम माने जाते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही मिथक और उनकी रियल्टी बताने जा रहे हैं।
Myth And Reality About Pregnancy

Myth 1 : प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करने से बच्चे को नुकसान पहुंचता है।
Reality- बच्चे को प्रोटेक्ट करने के लिए पेट के अंदर एब्डॉमिनल वाल से एमनियोटिक थैली तक सात लेयर्स होती हैं। साथ ही गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय में कुछ भी जाने से रोकती है। इसको क्लीन और इंफेक्शन फ्री रखती है। सेक्स करने पर कुछ भी बेबी तक नहीं पहुंचता ना ही उसे छूता है। इसलिए उसे किसी तरह का नुकसान नहीं होता। अगर डॉक्टर ने मना नहीं किया है तो सेक्स कर सकते हैं।
Reality- बच्चे को प्रोटेक्ट करने के लिए पेट के अंदर एब्डॉमिनल वाल से एमनियोटिक थैली तक सात लेयर्स होती हैं। साथ ही गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय में कुछ भी जाने से रोकती है। इसको क्लीन और इंफेक्शन फ्री रखती है। सेक्स करने पर कुछ भी बेबी तक नहीं पहुंचता ना ही उसे छूता है। इसलिए उसे किसी तरह का नुकसान नहीं होता। अगर डॉक्टर ने मना नहीं किया है तो सेक्स कर सकते हैं।
Myth 2 : अगर महिला का पेट का साइज ज्यादा बड़ा है तो लड़की पैदा होगी और साइज छोटा है तो लड़का।
Reality – एक्सपर्ट्स के अनुसार पेट के आकार को देखकर बच्चे के लिंग का र्निधारण नहीं किया जा सकता। पेट का शेप महिला की मसल्स साइज, स्ट्रक्चर, भ्रूण की पॉजिशन, पॉश्चर, पेट के आसपास जमा फेट पर र्निभर करता रहता है।
Reality – एक्सपर्ट्स के अनुसार पेट के आकार को देखकर बच्चे के लिंग का र्निधारण नहीं किया जा सकता। पेट का शेप महिला की मसल्स साइज, स्ट्रक्चर, भ्रूण की पॉजिशन, पॉश्चर, पेट के आसपास जमा फेट पर र्निभर करता रहता है।
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