
आपको पता नहीं है, लेकिन हैण्डवाश उतना सेफ नहीं है, जितना आप सोचते हैं. एंटी बैक्टीरियल के रूप में यूज़ किए जा रहे साबुन बैक्टीरिया को पनपने में मदद कर रहे हैं. ये साबुन उनकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा रहे हैं. दरअसल, एंटी-बैक्टीरियल एजेंट्स और बैक्टीरिया के बीच गहरा रिश्ता पाया गया है. वे बैक्टीरिया को बढ़ने में हेल्प करते हैं.
एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया को आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं के ज़्यादा इस्तेमाल का परिणाम माना जाता है. लेकिन एक नई रिसर्च के अनुसार, एंटी बैक्टीरियल एजेंट्स और बैक्टीरिया के बीच हाई एसोसिएशन है, जो एंटीबायोटिक्स के लिए प्रतिरोधी हो जाता है.
माना जाता है कि यदि बैक्टीरिया एंटीबायोटिक एजेंट्स के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है, तो उस पर इनका असर नहीं होता और इस वजह से बैक्टीरिया में दवाइयों का विरोध करने की क्षमता भी बढ़ जाती है.

source: cdc
Environmental Science and Technology में इस रिसर्च पेपर को लिखने वाले लेखकों का कहना है कि एंटीबायोटिक दवाइयों के विपरीत सूक्ष्म जीवाणुओं को मारने के लिए यूज़ किए जाने वाले एजेंट्स (Antimicrobial) स्थायी अवशेष छोड़ते हैं, जो लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं.

Triclosan नामक Antimicrobial प्रतिरोधी क्षमता के विकास को स्वयं बढ़ावा देता है. ये कई शैम्पू, टूथपेस्ट और साबुनों में पाया जाता है. एक पॉज़िटिव एसोसिएशन Antimicrobial और कई एंटीबायोटिक प्रतिरोध जीनों के बीच देखा गया है. इस स्टडी को लिखने वाले लेखकों के मुताबिक, मानव त्वचा की धूल में 25 प्रतिशत बैक्टीरिया पाया गया है.
कुल मिलाकर स्टडी में एंटीबैक्टीरियल साबुन से हाथ धोना सामान्य पानी और सामान्य साबुन धोने से किसी भी तरह बेहतर नहीं नज़र आया.
Like Our Facebook Fan Page
Subscribe For Free Email Updates
