
भारत में गोल-गप्पों के लिए दीवानगी कुछ ऐसी है कि यहां लोग इनके बस शौक़ीन ही नहीं होते, कईयों को तो ये इतने पसंद होते हैं कि इनकी लत ही लगा लेते हैं. शादी हो या पार्टी, इनका मेन्यू में होना जैसे अनिवार्य सा ही होता है.

चटाखेदार मसाले वाला पानी, उबले आलू, मटर से भरे गोल-गोल गोलगप्पे को देखकर ही मुंह में पानी आ जाता है न? इन्हें पानी पूरी, गुपचुप, पुचका और पुचकी अन्य कई नामों से जाना जाता है. यह सूजी से भी बनाये जाते है और आटे से भी. यही है वो चीज़ जो पूरे भारत में चाट का नाम आते ही सबसे पहले ज़हन में आती है. पर आज जो हम आपको दिखाने जा रहे हैं वो देख कर मुंह में पानी तो नहीं आएगा, हो सकता है उबकाई आ जाये.

दरअसल, गोल-गप्पे जिस आटे से बनाये जाते हैं, उसे बहुत अधिक गूंथने की ज़रुरत होती है. इस काम में काफी समय और मेहनत लगती है. हाथों से इसे गूंथना और भी मुश्किल होता है इसलिए इसे बनाने वाले कई लोग इसे ज़मीन पर रख कर पैरों से गूंथते हैं.
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